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उड़द-अरहर की वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण |
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), बांदा में युवा कौशल विकास मंडल (YKVM) द्वारा ICRISAT के सहयोग से 23 एवं 24 सितंबर को दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दो बैचों में आयोजित प्रशिक्षण में कुल 163 किसानो ने भाग लिया। किसानों को उड़द एवं अरहर की उन्नत उत्पादन तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, बीज प्रणाली, फसल प्रबंधन तथा कीट एवं रोग नियंत्रण की जानकारी दी गई।
ICRISAT के सीड सिस्टम प्रोग्राम से सामी जी ने गुणवत्तापूर्ण बीज के चयन, बीज की शुद्धता, भंडारण एवं उन्नत प्रजातियों के उपयोग के महत्व पर जानकारी दी। वहीं KVK बांदा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. श्याम सिंह ने वैज्ञानिक खेती एवं उत्पादन लागत कम करने की तकनीकों से किसानों को अवगत कराया।
KVK वैज्ञानिक डॉ. चंचल जी ने बीजोपचार, बुवाई का उचित समय, पौध दूरी, पोषक तत्व प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट-रोग प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। किसानों को फसल विविधीकरण एवं लाभकारी फसलों की संभावनाओं की जानकारी भी दी गई।
YKVM के निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि संस्था का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं प्रदर्शन आधारित खेती से जोड़ना है। परियोजना प्रबंधक अवधेश कुमारने किसानों से प्रशिक्षण में मिली जानकारी को अपने खेतों में अपनाने तथा अन्य किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने उड़द एवं अरहर के प्रदर्शन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की और विशेषज्ञों से फसल उत्पादन, रोग-कीट प्रबंधन एवं उत्पादकता बढ़ाने से संबंधित सवाल पूछे। कार्यक्रम में YKVM के कार्यकर्ता विपिन, द्रोण, रविंद्र, अरविंद, प्रदीप, हरिओम एवं टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई |
2026-09-24 |
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